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बà¥à¤²à¤¡ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ ( सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ ) कà¥à¤¯à¤¾ है ? जानें कारण, लकà¥à¤·à¤£ और बचाव
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि बà¥à¤²à¤¡ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ को सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ या सेपà¥à¤Ÿà¥€à¤¸à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ कहते हैं। इस लेख के माधà¥à¤¯à¤® से जानते हैं इनके लकà¥à¤·à¤£, कारण और उपाय...
बà¥à¤²à¤¡ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ को सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ या सेपà¥à¤Ÿà¥€à¤¸à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के नाम से à¤à¥€ जानते हैं। यह बीमारी संकà¥à¤°à¤®à¤£ से पैदा हो सकती है। बà¥à¤²à¤¡ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ तब होता है जब संकà¥à¤°à¤®à¤£ से निपटने के लिठखून में घà¥à¤²à¤¨à¥‡ वाले रसायन पूरे शरीर में सूजन के साथ जलन पैदा करने लगते हैं। इसके चलते शरीर में कई तरह के परिवरà¥à¤¤à¤¨ à¤à¥€ देखने को मिलते हैं। इसके चलते शरीर में कई अंग नकारातà¥à¤®à¤• रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं और उनकी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में रà¥à¤•ावट आती है। आज हम आपको इस लेख के माधà¥à¤¯à¤® से बताà¤à¤‚गे कि बà¥à¤²à¤¡ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं? इसके पीछे कà¥à¤¯à¤¾ कारण छिपे हैं? और बचाव और उपचार किस पà¥à¤°à¤•ार हो सकता है?
बà¥à¤²à¤¡ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ को तीन à¤à¤¾à¤—ों में बांटा गया है सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, अंतिम सेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• शॉक। à¤à¤¸à¥‡ में शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में ही इसका इलाज हो जाना जरूरी है।
सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£
सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार हैं-
जलà¥à¤¦à¥€ जलà¥à¤¦à¥€ सांस लेना,
संकà¥à¤°à¤®à¤£ की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ हो जाना,
शरीर के तापमान में बदलाव,
दिल की धड़कन का à¤à¤• मिनट में 90 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार चलना।
गंà¤à¥€à¤° सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£
सांस लेने में कठिनाई महसूस करना,
मानसिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ आना,
पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ की संखà¥à¤¯à¤¾ का घटते जाना,
मूतà¥à¤° का कम आना,
पेट में दरà¥à¤¦ होना,
हृदय दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ असामानà¥à¤¯ रूप से पंपिंग करना।
सेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• शॉक
इसके लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ गंà¤à¥€à¤° सेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के समान ही होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कम हो जाता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° बीपी को सामानà¥à¤¯ करने के लिठतरल पदारà¥à¤¥ का सहारा लेते हैं।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° को कब दिखाया जाà¤
ये बीमारी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° उन लोगों में पाई जाती है जो असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ रहते हैं। जो लोग आईसीयू यानी इंटेंसिव केयर यूनिट में होते हैं वह इस बीमारी के जलà¥à¤¦à¥€ शिकार हो जाते हैं। अगर आपको à¤à¥€ किसी पà¥à¤°à¤•ार का संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो गया है या सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद ऊपर दिठलकà¥à¤·à¤£ दिखाई दे तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर लें।
किन लोगों को होता है सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ का खतरा-
1- छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इस का खतरा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है।
2- वृदà¥à¤§à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इसका खतरा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाता है।
3- जो लोग उन दवाइयों का सेवन करते हैं जिनसे इमà¥à¤¯à¥‚निटी सिसà¥à¤Ÿà¤® डाउन हो जाती है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ यह बीमारी हो सकती है।
4- डायबिटीज के मरीजों को इसका खतरा रहता है।
5- वे लोग जो à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ à¤à¤¡à¥à¤¸ या कैंसर के कारण पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के कमजोर हो जाने से परेशान रहते हैं वह à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ की चपेट में आ सकते हैं।
6- वे लोग जो असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में रहकर आठहैं या जिनकी सरà¥à¤œà¤°à¥€ हà¥à¤ˆ है।
सेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• होने के पीछे कà¥à¤¯à¤¾ कारण हैं-
अंडररिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ या ओवररिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ के चलते जी बीमारी हो जाती है। अंडर सेकà¥à¤¶à¤¨ यानी इमà¥à¤¯à¥‚निटी सिसà¥à¤Ÿà¤® सही तरीके से काम नहीं करता यह बंद हो जाता है और ओवरà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ मतलब संकà¥à¤°à¤®à¤£ इमà¥à¤¯à¥‚निटी सिसà¥à¤Ÿà¤® के लिठटà¥à¤°à¤¿à¤—र के रूप में काम करता है। इसके अलावा कई बार à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बन जाती है जब हमारी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो जाती हैं इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤¾à¤‡à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ à¤à¥€ कहते हैं। यह परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ तब बनती है जब लोग असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ होते हैं और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल चीरे, कैथेटर आदि से शरीर में संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलने लगता है जब à¤à¥€ सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ का खतरा बढ़ जाता है।
इस संकà¥à¤°à¤®à¤£ को फैलने से रोकने के लिठनिमà¥à¤¨ बचाव इस पà¥à¤°à¤•ार हैं-
1- जिन लोगों का इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® कमजोर होता है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संकà¥à¤°à¤®à¤£ जलà¥à¤¦à¥€ फैलता है à¤à¤¸à¥‡ में विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ की जरूरत होती है।
2- सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। रोज सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करें। अगर शरीर पर किसी पà¥à¤°à¤•ार की जखà¥à¤® या घाव है तो देखà¤à¤¾à¤² करें और हाथ धोने जैसी आदतों को अपनी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में शामिल करें।
3- नियमित रूप से टीकाकरण करवाते रहें निमोनिया, फलू या अनà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के टीकाकरण करवाà¤à¤‚।
4- बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— शरीर में पानी की कमी ना होने दें।
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